मृग-नयनी

ख़बर वो, जो ले सबकी ख़बर...... सूनी गलियों में उनका आनाकुछ ऐसा लगता हैज्यों बदन तपाती गर्मी मेंशीत हवाओं का सहलानाहिम सी सुंदर उसकी छवि मेंथोड़ी गर्माहट घुल जानामृग-नयनी सी जंगल में वोहै ढूंढ रही कस्तूरी कोनहीं जानती, वो नादां हैवो खुशबू उसमें ही हैमोम सी नाजुक वो गुड़िया हैमखमल के... [पूरी पोस्ट]
writer anupam mishra
views
13
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
6
[18 Apr 2010 09:06 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix