राजनीति
राजनीतिराजनीति मेरे रग रग में बसी है लूट, खसोट, सेंधमारी और क़त्ल करवाए मैंने. फिर उन्हीं के आशियाने भी बसवाये मैंने.हर राजनीतिज्ञ की तरह अपने इर्द गिर्द, अभेद्य सुरक्षा आवरण भी रचाए मैंने. हर सुरक्षा चूक की...
[पूरी पोस्ट]
रचना दीक्षित
कविता
17
2
0
2
19
[18 Apr 2010 03:32 AM]



Shuffle








