दहेज
वक्र टिप्पणियों का बहुधा मैं बुरा नहीं मानता। शायद मैं भी करता रहता हूं। पर विवेक सिंह की यह पिछली पोस्ट पर वक्र टिप्पणी चुभ गई: "मेरी पत्नीजी के खेत का गेंहूं है।" क्या ! आप अभी तक दहेज लिए जा रहे है ? याद आया अपनी शादी के समय का वह तनाव। मैं...
[पूरी पोस्ट]
ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey
ब्लॉगरी
49
7
0
7
0
[18 Apr 2010 02:06 AM]



Shuffle








