तेरे चेहरे से नजरें खफा होती नहीं
तेरे चेहरे से, नजरें खफा होती नहीं........तेरे एक दीद की ख्वाहिश दिल से जुदा होती नहीं....नजरें तरस गयीं हैं अब सुकूं पाने को.........पलकों की भी ख्वाहिश है अब झपक जाने को .......... शायद ये अफसाना मेरा, कोई फ़साना न बन जाये......इसीलिए क्योकि तेरी...
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Vishal Kashyap
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[15 Apr 2010 21:09 PM]



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