समाज सिर्फ़ महानगरों में ही नहीं है , जरा गांव में भी झांकिए न ......
आखिर किस शहर में है ये खूबसूरती और सकूनजब भी अपने आसपास की खबरों पर नज़र डालता हूं तो देखता और पाता हूं कि हमेशा ही जिस समाज की , उसमें हो रहे बदलावों की , वो अपनाए जा रहे चलनों की बात होती है तो वो सिर्फ़ और सिर्फ़ शहरी समाज तक ही सीमित होकर रह जाती है ।...
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अजय कुमार झा
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[17 Apr 2010 10:55 AM]



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