यह सब तो होता रहता है

स्वप्नलोक त्राहि माम् की आवाजों से ।और कालिया की आहों से ॥गूँज गया सब कोना कोना ।गब्बर ने सुन रोना-धोना ॥समझा सब माज़रा सहज ही ।मँगा  कालिया का कागज़ भी ॥उसको साँबा से बुलवाया ।बड़े प्यार से यूँ समझाया ॥"ये सब तो होता रहता है ।कहने दो कोई कहता है ॥अपना काम रखो... [पूरी पोस्ट]
writer विवेक सिंह
views
38
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
8
[17 Apr 2010 09:42 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix