व्यापारी होता नहीं कभी किसी का मित्र

तीखी नज़र व्यापारी होता नहीं कभी किसी का मित्रसिर्फ लाभ का ही उसे रुचे हमेशा चित्ररुचे हमेशा चित्र जहाँ भी देखे घाटाअपनेपन को त्याग दूर से बोले ' टा - टा 'दिव्यदृष्टि अनुभव - प्रसूत है ' राय ' हमारीकभी किसी का मित्र नहीं होता व्यापारीप्रतिदिन बैरी पाक की दुष्ट... [पूरी पोस्ट]
writer दिव्यदृष्टि
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[17 Apr 2010 08:24 AM]

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