गज़लनुमा रचना- पीठ पीछे आइना काला मिला
एक गज़लनुमा रचना पीठ पीछे आइना काला मिला [आदरणीय आलोचकों से क्षमायाचना सहित] वीरेन्द्र जैनसबको चिकनी शक्ल दिखलाता मिला पीठ पीछे आइना काला मिला रास्ते आवागमन के दूसरे सामने से द्वार पर ताला मिलावोट देकर आदमी बाहर हुआ फिर न कोई पूछने वाला मिला बैठकों में...
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वीरेन्द्र जैन
कविता
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[17 Apr 2010 02:44 AM]



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