प्रणय गीत
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता कवि कुलवंत सिंह का प्रणय-गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... गीत प्रणय का अधर सजा दो ।स्निग्ध मधुर प्यार छलका दो ।शीतल अनिल अनल दहकाती,सोम कौमुदी मन बहकाती,रति यामिनी बीती जाती,प्राण...
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अभिलाषा
कुलवंत सिंह
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[16 Apr 2010 22:24 PM]



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