निबट गया कुम्भ।
और जैसे तैसे निबट गया कुम्भ। किसी के लिए कुम्भ रत्नजटित महंगी धातुओं का था तो किसी के लिए वह सोने का सिद्ध हुआ और किसी के लिए वह चान्दी चान्दी कर गया। चमचम करता रत्नजटित कुम्भ था संत महंतों का तो स्वर्ण कुम्भ आया शासन-प्रशासन वालों के...
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डॉ. कमलकांत बुधकर
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[16 Apr 2010 09:29 AM]



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