अरोड वंश का इतिहास ( चतुर्थ भाग ).... अरोड वंश में पूज्य श्री अमर लाल (श्री झूले लाल)
सिंध के नसरपुर शहर में अरोडवंशी ठक्कर भक्त रतन राय के घर संवत् 1007 चैत्र सूदी दूज शुक्रवार प्रात: 4 बजे श्री वरूण दरियाब देव(श्री झूले लाल)साकार रूप में प्रकट हुए। उस समय सिंध में मराव नाम का मुसलमान बादशाह का राज्य था। सिंध की राजधानी तब उटा नगर थी।...
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संगीता पुरी
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[16 Apr 2010 00:51 AM]



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