मनुस्मृति-जुआ और सट्टा राष्ट्र में डकैती के समान (juaa aur satta desh ke liye bura-manu smruti)
प्रकाशमेतत्तास्कर्य यद्देवनसुराहृयौ।तयोर्नित्यं प्रतीवाते नृपतिर्यत्नवान्भवेत्।।हिन्दी में भावार्थ-द्युत और समाहृय (जुआ और सट्टा)दिनदहाड़े डकैती के समान माने जाने चाहिए। यह देवता और असुर दोनों का विनाश कर देते हैं। अतः राज्य को इन पर रोक लगाने का प्रयास...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू-धर्म
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[15 Apr 2010 23:24 PM]



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