चाणक्य दर्शन-आमदनी से अधिक खर्च मुसीबत का कारण (amdani aur kharcha-chankya niti)

दीपक भारतदीप की हिंदी एक्सप्रेस पत्रिका अनालोक्य व्ययं कर्ता ह्यनाथःः कलहप्रियः।आतुर सर्वक्षेत्रेपु नरः शीघ्र विनश्चयति ।।हिंदी में भावार्थ-नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि बिना विचारे ही अपनी आय के साधनों से अधिक व्यय करने वाला सहायकों से रहित और युद्धों में रुचि रखने वाला तथा कामी आदमी का बहुत... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

आध्यात्म

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[15 Apr 2010 23:30 PM]

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