आखिर, पानी को बोलना ही पड़ा !!

प्रतिक्रिया प्यारे दोस्तों,जम के पीजिये. मस्त रहिये. इस गरमी को मात देने में बस मैं ही आपकी मदद कर सकता हूं. लेकिन इसके लिये आपको मेरी बात सुननी पड़ेगी. इसे गुहार कहिये, फ़रियाद कहिये, गिला कहिये... या फिर सलाह कहिये. अगर आपलोगों ने अपने इस दोस्त को अब तक नहीं... [पूरी पोस्ट]
writer विकास
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[15 Apr 2010 10:28 AM]

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