सरेराह चलते-चलते ... रोहित.....

kahdo कभी किसी के लिए किसी नाज़ुक लम्हों में आपके दिल में सॉफ्ट कार्नर पैदा हो जाता है...लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाती....फिर भी उसकी कसक सालों बाद भी बनी रहती है....क्यों मालूम नहीं...इसका अहसास दो दिन पहले हुआ मेट्रो में....उसे लिखने की कोशिश... [पूरी पोस्ट]
writer boletobindas

ये जो लाइफ है ......

views
19
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
6
[15 Apr 2010 04:20 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix