आज कल पाँव ज़मीं पर

गुनगुनाती धूप.. Film: Gharसंगीतकार -राहुलदेव बर्मनगीतकार : गुलजार(आज कल पाँव ज़मीं पर नहीं पड़ते मेरेबोलो देखा है कभी तुमने मुझे उड़ते हुए) आज कल पाँव ज़मीं पर नहीं पड़ते मेरेजब भी थामा है तेरा हाथ तो देखा है लोग कहते हैं के बस हाथ की रेखा हैहमने देखा है दो तक़दीरों को जुड़ते... [पूरी पोस्ट]
writer अल्पना वर्मा
views
15
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
10
[15 Apr 2010 00:02 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix