मनुस्मृति-गायत्री मंत्र का जाप सुबह शाम करना चाहिए (manu smirit-gyatri mantra ka jaap)
पूर्वी संध्या जपंस्तिष्ठनैशमेनो व्यपोहति।पश्चिमां तु समासीनो मलं हन्ति दिवाकृतम्।हिन्दी में भावार्थ-प्रातःबेला में गायत्री मंत्र का जाप करने से रात्रिभर के तथा सायंकाल में जाप करने से दिन भर के पाप नष्ट होते हैं।वर्तमान संदर्भ में संपादकीय...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू साहित्य
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[14 Apr 2010 23:29 PM]



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