पतंजलि योग दर्शन-क्लेशों से मुक्ति दिलाती है समाधि (patanjali yog darshan-samadhi)
तपः स्वाध्यायेश्वरप्रणिधानानि क्रिया योग।।हिन्दी में भावार्थ-तप, स्वाध्याय तथा ईश्वर की शरण लेना-ये तीनों क्रियायोग हैं।समाधिभावनार्थः क्लेशतनूकरणार्थश्च।हिन्दी में भावार्थ-जब समाधि में सिद्धि प्राप्त हो जाती है तब अज्ञान तथा क्लेश का नाश होता है।वर्तमान...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू-धर्म
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[14 Apr 2010 23:02 PM]



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