कबीर के श्लोक -१७

*साधना* कबीर कसऊटी राम की, झूठा टिकै न कोइ॥ राम कसऊटी सो सहै,जो मरि जीवा होइ॥३३॥ कबीर जी कह्ते है कि उस परमात्मा के समक्ष झूठा कभी नही टिक पाता।क्योकि उस परमात्मा की कसौटी ही ऐसी है कि जब तक मनुष्य अपने अंहकार को नही मार लेता तब तक वह उस तक नही पहुँच पाता।अर्थात... [पूरी पोस्ट]
writer परमजीत बाली
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[14 Apr 2010 21:05 PM]

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