मनुस्मृति-धर्म की हत्या करने वाले का नाश होता है
धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः।तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नोधर्मोहतोऽवधीत्।।हिन्दी में भावार्थ-जो मनुष्य धर्म की हत्या करता है, धर्म उसका नाश करता है। इसलिये धर्म की रक्षा करना चाहिए ताकि हमारी रक्षा हो सके। यद्राष्टं शूद्रभूयिष्ठं...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू-धर्म
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[13 Apr 2010 23:25 PM]



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