मन की तरंग
अखंड दृष्टि बनाम विश्लेषण किसी भी वस्तु, दृश्य या फेनोमेनों को आदमी कीया तो बुद्धि देखे या उसकी समग्र दृष्टिवह उसे टुकड़ों में बाँट कर देखे या पूर्ण की पूर्णटुकड़ों में बाँट कर और फिर उन टुकड़ों के ज्ञान को जोड़कर देखने सेपूर्ण को नही जाना जा सकतापूर्ण को...
[पूरी पोस्ट]
Arun Khadilkar
12
0
0
0
1
[13 Apr 2010 21:18 PM]



Shuffle








