मैं बनजारा हूँ
मैं बनजारा हूँ कौन मेरा है मेरा साथी | प्रीत मेरी शरमाती ||बाळद लेकर चला युगों से , बन बन का मैं राही -२अरमानो की तस्वीरों पर , उलट गई है स्याही -२जब से हुनमें लगा पूछने कहाँ मेरी है थातीतब से ही मुझको हर महफ़िल उलझाती || १ || प्रीत मेरी ....मैं सपनो की...
[पूरी पोस्ट]
क्षत्रिय
स्व.श्री तन सिंह जी कलम से
6
0
0
0
2
[13 Apr 2010 10:35 AM]



Shuffle








