बेचारे नेता हैं

स्वप्नलोक हुए आमने-सामने, मोदी और थरूर ।लेनदेन में हो गई, कोई चूक जरूर ॥कोई चूक जरूर, उधारी का चक्कर है । डूब न जाए रकम, यही दाता को डर है ॥'मौज़िल' बेचारे नेता हैं कुछ कम ले लो ।कुछ चन्दा करवा दो, बाकी कुछ तुम दे दो ॥आपकी प्रतिक्रियाओं का स्वागत है .... [पूरी पोस्ट]
writer विवेक सिंह
views
18
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
5
[13 Apr 2010 11:00 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix