बेचारे नेता हैं
हुए आमने-सामने, मोदी और थरूर ।लेनदेन में हो गई, कोई चूक जरूर ॥कोई चूक जरूर, उधारी का चक्कर है । डूब न जाए रकम, यही दाता को डर है ॥'मौज़िल' बेचारे नेता हैं कुछ कम ले लो ।कुछ चन्दा करवा दो, बाकी कुछ तुम दे दो ॥आपकी प्रतिक्रियाओं का स्वागत है ....
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विवेक सिंह
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[13 Apr 2010 11:00 AM]



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