मनुष्य का मन

Guldasta एक कमरे में एक सज्जन बैठे थे. दीवार पर घडी लगी हुई थी .लगातार चलती हुई यह टक टक कर रही थी .वह सज्जन इसकी टक टक को सुन रहे थे . बाहर गली में ऊँची ध्वनि से बाजे बजने लगे .इस सज्जन को घडी की ध्वनि आनी बंद हो गई . भयभीत होकर उसने नौकर को बुलाकर कहा- देखो तो... [पूरी पोस्ट]
writer ashoke mehta
views
5
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[09 Feb 2010 05:47 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix