एक मनोकामना

Guldasta इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले (२)गोविन्द नाम लेके, तब प्राण तन से निकले,श्री गंगाजी का तट हो, जमुना का वंशीवट हो,मेरा सावला निकट हो, जब प्राण तन से निकलेपीताम्बरी कसी हो, छबी मन में यह बसी हो,होठो पे कुछ हसी हो, जब प्राण तन से निकलेजब कंठ... [पूरी पोस्ट]
writer ashoke mehta
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[09 Feb 2010 05:46 AM]

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