जय-जय, जय हे पंथ खालसा....
तेरह अप्रैल १९१९. हम भारतीय कभी भी भूल नहीं सकते इस मनहूस तारीख को, जब अमृतसर के जलियावालाबाग में क्रूर जनरल डायर ने सैकड़ों भारतीयों को गोलियों से भून दिया था. उस पर लिखना शुरू करूंगा तो लंबा इतिहास हो जायेगा. इस डायर को ब्रिटिश मीडिया ने, वहां के लोगों...
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girish pankaj
सवक्तव्य- गीत
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[13 Apr 2010 07:27 AM]



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