shabdon ke akshat
झूठ की बुनियादडॉ. स्वाति तिवारीमहानगर कीतेज रफ्तार वाली आपाधापी-भरी जिन्दगी में तो चारों तरफ शोर ही शोर है । शोर भी इतना कि लोगों के कान या तो कम सुनने लगे हैं या कहें ,ऊंचा सुनने के अभ्यस्त हो गए हैं । इसी ध्वनि प्रदूषण,वायु प्रदूषण से बचने के लिए हमने...
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swati
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[13 Apr 2010 06:38 AM]



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