ऐसा कौन है,जो आपसे अलग है?
अयं निजः परोवेति, गणना लघुचेतसाम्।उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम् ॥ (यह् अपना है और यह पराया है ऐसी गणना छोटे दिल वाले लोग करते हैं । उदार हृदय वाले लोगों का तो पृथ्वी ही परिवार है।)"वसुधैव कुटुम्बकम" भारतीय चिंतन को स्पष्ट करता है.संपूर्ण विश्व...
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Amit Sharma
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[13 Apr 2010 01:12 AM]



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