भागें भी तो कब तक और कहाँ तक?

मेरी कविताएँ [Meri Kavitayen] अनिश्चितता मतलब ‘कुछ भी निश्चित नहीं ‘...अपनी जड़ों से कट कर पौधा भी समय लेता है नयी ज़मीं पकड़ने में .इंसान में अपनी मिटटी से दूर हो कर भविष्य के प्रति जो अनिश्चितता पैदा हो जाती है उसका निदान हर किसी को आसानी से नहीं मिलता.खाड़ी देशों में आये प्रवासी... [पूरी पोस्ट]
writer अल्पना वर्मा

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[12 Apr 2010 20:30 PM]

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