shabdon ke akshat
स्मृतियाँजैये नीले समंदर परउठती-गिरती उज्जवल लहरेंजैसे सुख के चमकीलें दिनऔर दुख की स्याह रातेंकितना अजीब है प्रकृति का क्रमएक रंग में से उभरता दूसरा रंगजीवन भी रंग बदलता है, हर पल,हर कदमपर तुम अकेले कहाँ, जीवनसाथी है तुम्हारे संग,मज़ा है तब जब हो आपसी...
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swati
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[12 Apr 2010 14:04 PM]



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