बढ़ते शहर घटती कृषि योग्य जमीन

गूंजअनुगूंज / GUNJANUGUNJ जब मैं छोटा बच्चा था और अपने गाँव से चंडीगढ़ आना होता था, तो सड़कों के दोनों ओर कितना मनोहारी दृश्य होता था । सड़क के दोनों ओर से प्रकृति की सुंदर छटाएँ देखने को मिलती थी । रबी की फसलें जब अपने यौवन पर होती थी, तब दूर-दूर तक सरसों के पीले फूलों से पीली हुई... [पूरी पोस्ट]
writer Manoj Bharti
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[12 Apr 2010 13:48 PM]

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