मन की उमंगें
कुछ बावरा सा ही होता है मन, चाहे जिस किसी का भी हो, बहुत सी उमंगें और सोचें उसमे फलांग मारती रहती हैं.. उन्ही मे से कुछ मचलती सी भावनाओं को बस लिख भर दिया है....मन करता कभी उडूं मै,चल जाऊं उस बादल पे,सहलाऊं धीरे से उसको,दो बूँद जल की ले आऊं.मन करता...
[पूरी पोस्ट]
हिमांशु पन्त
26
1
0
1
8
[12 Apr 2010 12:35 PM]



Shuffle








