जाड़ा चला हिमालय से
जाड़ा चला हिमालय सेलेकर अपनी फौज।मिल-जुलकर सब बैठ गएअपने मन की मौज।जाड़े ने हमला बोलाजो ग़रीब था भाई।पर ग़रीब ने जाड़े कोआंच की ढाल दिखाई।सुबह चार घंटे हुईजमकर खूब लड़ाई।सूरज जी आ गए तभीदोनों की रार* मिटाई।(गौरी, आभू, गोविन्द, अर्णव के लिए )...
[पूरी पोस्ट]
PRATUL
13
0
0
0
0
[18 Jan 2010 01:26 AM]



Shuffle








