शेर : मिर्ज़ा ग़ालिब
मोहब्बत में नहीं है फ़र्क, जीने और मरने का,उसी को देखकर जीते हैं, जिस काफ़िर पर दम निकले ।अर्थात "प्रेम में जीवन और मरण में कोई अंतर नहीं है क्योंकि जिस काफ़िर पर मरते हैं, जिस पर दम निकलता है, उसी को देखकर जीते हैं ।"वह शोख़ अपने हुस्न प मगरूर है...
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अनिल कान्त :
mirza ghalib
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[12 Apr 2010 08:45 AM]



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