जो मर गये या मार दिये गये

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति जो मर गये या मार दिये गयेवे तराजू के पलड़ों की तरह हैंजिन्हें तौला जाता रहा हैबारी-बारीकम और ज्यादा की तरह ।फर्क सिर्फ इतना है किकुछ भुला दिये गये थे मरने से पहलेऔर कुछ भुला दिये जायेंगे मरने के बादहमेशा के लिये ।रहेगी तो बस गिनतीउन सभी जमा सरकारी कागजों... [पूरी पोस्ट]
writer अनिल कान्त :
views
25
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
10
[12 Apr 2010 00:23 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix