भर्तृहरि शतक-जब तक काम का हमला न हो तभी तक रहती है सज्जनता (sex and religion-hindi sandesh)
संसार! तव पर्यन्तपदवी न दवीयसी।अन्तरा दुस्तराः न स्युर्यदि ते मदिरेक्षणा।।हिन्दी में भावार्थ-यहां भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ‘ओ संसार, तुझे पार पाना कोई कठिन काम नहीं था अगर मदिरा से भरी आखों में न देखा होता। तावन्महत्तवं पाण्डितयं केलीनत्वं...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू-धर्म
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[11 Apr 2010 23:49 PM]



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