प्यार का अधिकार
मैं न तुमसे प्यार का अधिकार लूँगी !और जीने को न तुमसे स्नेह का आधार लूँगी !मैं न तुमसे प्यार का अधिकार लूँगी ! पंथ मेरा गगन के जल कण सजल करते रहेंगे, चन्द्र की अवहेलना सह ज्योति कण झरते रहेंगे, दीप भी बुझ जायें नभ के, है न इनकी चाह मुझको,तम मुझे प्रिय,...
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Sadhana Vaid
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[11 Apr 2010 21:48 PM]



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