न दैन्यम न पलायनम : फ़िरदौस ख़ान
महिलाएं न तो देवी बनना चाहती हैं और न ही ग़ुलाम... वो तो बस समाज से इंसानी हक़ चाहती हैं... जीने का हक़, वो हक़ है, जो मर्दों को हासिल हैं... दुनियाभर में सभी संप्रदायों ने महिलाओं का हमेशा शोषण किया है... महिलाएं कहीं शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ न उठाने लगें,...
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फ़िरदौस ख़ान
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[11 Apr 2010 04:48 AM]



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