संत कबीर के दोहे-धामिक व्यक्ति दूसरे जीवों का कल्याण कर अपना धर्म प्रमाणित करता है (Dhamik vyakti ki pahachan-kabir ke dohe)
फलं कतकवृक्षस्य यद्यप्यम्बुप्रसादकम्।न नामग्रहणादेव तस्य वारि प्रसीदति।।हिन्दी में भावार्थ-निर्मली का वृक्ष जल को शुद्ध करता है भले ही उसकी जानकारी सभी को नहीं है। उसका नाम लेने से जल शुद्ध नहीं होता बल्कि वह स्वयं उपस्थित होकर जल शुद्ध करता है। उसी...
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दीपक भारतदीप
adhaytma
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[11 Apr 2010 02:31 AM]



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