कुछ हट कर ...
सोचता हूँ आज अपनी ही एकरसता तोड़ी जाए। ये ग़ज़ल दस बरस पहले कही गयी थी और आज अचानक एक पुराना रजिस्टर पलटते हुए मिली। बता दूँ कि १७ कि उम्र में पहली बार मेरा लिखा कुछ छपा था - राजाराम भादू द्वारा सम्पादित दिशाबोध नामक अखबार में मेरी पांच ग़ज़लें ! तो उन...
[पूरी पोस्ट]
शिरीष कुमार मौर्य
मेरी ग़ज़ल
20
2
0
2
11
[11 Apr 2010 02:07 AM]



Shuffle








