वहीं रचा जाता है गीत -सतीश सक्सेना
वर्षों पहले कुछ दोस्तों की चलते फिरते फरमाइश रहती थी कि कोई गीत अभी लिख कर दिखाओ और मैं हमेशा मना करने पर मजबूर होता था कि कम से कम मेरे लिए यह संभव ही नहीं है ,कविता और गीत लेखन न कभी सीखा और न सीखना चाहता हूँ , जो मन में भाव उठाते हैं कभी कभी गीतों का...
[पूरी पोस्ट]
सतीश सक्सेना
37
3
0
3
17
[11 Apr 2010 01:36 AM]



Shuffle








