कइसे बसंत मनाइब हो ..
Photo Source : Webdunia.comसखि आइल मधुऋतु आइल खुशिया छिटाइल होआली कंत न अइलैं तै कइसे बसंत मनाइब हो ॥बैरिनि कुहुँकै कोइलिया कतेक समुझाइब होसखि बगिया निरखि रसवंती पगल होइ जाइब हो ॥जाती की बेरियाँ कह्त गइलैं तोहै ना भुलाइब होरानी रखबै करेजवा की ओट पलकिया...
[पूरी पोस्ट]
हिमांशु । Himanshu
वसंत
25
3
0
3
0
[22 Feb 2010 07:44 AM]



Shuffle








