नाऊ

ज्ञानदत्त पाण्डेय की मानसिक हलचल पिलानी में जब मैं पढ़ता था को कनॉट (शिवगंगा शॉपिंग सेण्टर को हम कनॉट कहते थे) में एक सैलून था। वहां बाल काटने वाला एक अधेड़ व्यक्ति था – रुकमानन्द। उसकी दुकान की दीवार पर शीशे में मढ़ा एक कागज था - रुकमानन्द एक कुशल नाऊ है। मैं जब भी पिलानी आता हूं, यही... [पूरी पोस्ट]
writer ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey

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[10 Apr 2010 18:30 PM]

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