तू भी मेरे ठोकरों पर हँस ले - A Thought

Sujit Kumar Lucky : Live In Own Thoughts तू भी मेरे ठोकरों पर हँस ले ,हाथ छोर कर जो चला हु तेरा !परेशा ना हो  मेरी गिरते सम्हलते कदमो पर ,कदम जब बढ़ा ही दिया अब चल परेगा ही ये सिलसिला ! !खवाहिश ही कब की मंजिलो को नापने की , बस चला हूँ .. और चलता रहे ये काफिला ! !रचना : सुजीत कुमार लक्की... [पूरी पोस्ट]
writer sujit kumar lucky

random thoughts

views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
2
[10 Apr 2010 16:43 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix