ब्लॉग जगत की व्यथित करने वाली बातें!
पहली बात तो बेनामियों की है मगर इस पर कई बार कई किस्तों/किश्तों में चर्चा हो चुकी है ...बेनामियों के पक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर जबर्दस्त दलीले हैं -बेनामी हों या क्षद्म्नामी बात लगभग एक सी ही है .लोग बेनामी क्यों होते होगें ?-अपने ओहदे को छिपाते...
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Arvind Mishra
मुददा
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[10 Apr 2010 11:12 AM]



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