बुरा मान गए .......

kabaadkhaana दो घडी,चांद से ,गुफ़्तगू क्या कर ली,सितारे बुरा मान गए ॥कभी नकाबों में रहें,कभी परदों में ,कितनी ही कर ली कोशिश ,आईने हर बार पहचान गए ॥ये सोच कर कि,जीत ही है जो ,उस उस द्वेष की शुरूआत तो ,हम खुद ही हार मान गए ॥उन्हें जीतने की , कुछ आदत सी ऐसी पडी... [पूरी पोस्ट]
writer अजय कुमार झा
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[10 Apr 2010 10:36 AM]

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