माँग नहीं सकता न : पंकज शर्मा की एक लघुकथा
माँग नहीं सकता नबस-स्टैंड पर खड़ा हुआ मैं, बस का इंतज़ार कर रहा था । मेरे सामने खड़ी बस में बैठा एक आदमी पकौड़े खा रहा था । उसने खाते-खाते पकौड़े का एक टुकड़ा करीब दस साल के उस लड़के के हाथ पर धर दिया, जो कुछ देर से उसकी सीटवाली खिड़की के पास हाथ फैलाए...
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रावेंद्रकुमार रवि
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[10 Apr 2010 10:00 AM]



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