मुझे कविताएं पढकर उबकाई आती है

नई इबारतें इधर कुछ दिनों से मेल पर, बज्ज पर और कभी कभार चेट बॉक्स में भी कुछ लिंक आते हैं। कविताओं के लिंक। मन में जो आया सो भेज दिया। मुझे महसूस होता है कि ये तमाम कविताएं कोई एक ही शख्स लिख रहा है। वही भाषा, वही विन्यास, वही भाव। मन, पेड, पहाड, हृदय, अभिव्यक्ति,... [पूरी पोस्ट]
writer सचिन ..........

कविता

views
69
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
15
[10 Apr 2010 08:03 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix