अतिशय प्रयोगों की बलिवेदी पर-1084 की माँ.
ऐसा कई बार होता है कि निर्देशक नाटक में अपनी क्षमताएँ दिखाने के लिए कई नयी चुनौतियां लेते हैं और लेने लगे हैं और इसके लिए नए-नए प्रयोग भी कर रहे हैं.दरअसल,यह लेखक के concept को संप्रेषित करने के स्थान पर अपने कलात्मकता को दिखाना होता है यानी यह अपने...
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मुन्ना के पांडेय(कुणाल)
रंगमंच...
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[10 Apr 2010 06:20 AM]



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