उलटबांसी
यहाँ से वहाँ तक जामा मस्जिद के पास एक से अधिक मीट की हैं दुकानमुर्गे जैसे छोटे जीवों के शव-शरीर टंगते — ललचाते मुल्लाजी।भैंसों गायों बकरों का सर सजने के लिए दुकानों पर अल्लाह मियाँ ने खुद कुरआन में लिखवाया।अब तो पण्डे भी देवी-देव पर, पशु-पक्षी की बलि चढ़ा...
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PRATUL
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[05 Apr 2010 23:36 PM]



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